मां दुर्गा की कृपा से, समाज की सेवा में

इस वर्ष 47वां विशाल भंडारा और 23वां नगर कन्या पूजन।

दान कीजिए सभी कार्यक्रम

  1. 10–19 अक्टूबर, रात्रि 8 बजे

    नवदुर्गा महोत्सव

  2. 20 अक्टूबर, रात्रि 8 बजे

    विजयादशमी महोत्सव

  3. 23 अक्टूबर, शाम 7 बजे

    नगर कन्या भोज एवं विशाल भंडारा

सभी आयोजन महाराणा प्रताप चौराहा, महूनाका इंदौर में।

पारंपरिक वेशभूषा में लोधा समाज इंदौर के सदस्यों का समूह चित्र

147सहयोगकर्ता

3,251किलो आटा

₹2,45,041नगद

सन् 2026 के 47वां विशाल भंडारा के लिए अब तक का हिसाब। हर वर्ष की पूरी सूची दान पृष्ठ पर है।

हर वर्ष का हिसाब

सभी सूचियाँ

नवदुर्गा महोत्सव एवं विशाल भंडारा

2026

147दानदाता

₹2,45,041नगद

3,251 किलोआटा

1,750 किलोशक्कर

587 किलोमावा

2025

166दानदाता

₹2,33,206नगद

2,650 किलोआटा

2,978 किलोशक्कर

369 किलोमावा

2024

154दानदाता

₹1,22,500नगद

3,075 किलोआटा

3,902 किलोशक्कर

455 किलोमावा

श्री नर्मदेश्वर महादेव भव्य कावड़ यात्रा

2026

50दानदाता

₹46,300नगद

264 किलोआटा

5 डब्बातेल

1 छोटीगैस टंकी

2025

67दानदाता

₹59,712नगद

254 किलोआटा

4 डब्बातेल

2 छोटीगैस टंकी

2024

51दानदाता

₹37,604नगद

180 किलोआटा

10 डब्बातेल

1 छोटीगैस टंकी

श्री हनुमान मंदिर निर्माण

अब तक

48दानदाता

₹36,343नगद

551ईंट

122 बोरीसीमेंट

51 किलोसरिया

सहयोग कैसे करें

दान पृष्ठ

ऊपर का हिसाब बताता है कि अब तक क्या-क्या आया। तीन में से जो सहज हो, वह दिया जा सकता है — कोई सहयोग छोटा नहीं माना जाता।

देने से पहले एक बार फ़ोन कर लें, जिससे सामग्री आयोजन के समय पर पहुँचे:

दानदाता सूची में नाम ग़लत छपा हो, छूट गया हो या दो जगह अलग-अलग लिखा हो तो इसी नंबर पर बता दें — सूची सुधार दी जाती है।

वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी

वीरांगना की परंपरा, सेवा का संकल्प

रानी अवंती बाई लोधी भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम सन् 1857 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रथम महिला शहीद वीरांगना थीं।

16 अगस्त 1831 को सिवनी ज़िले के ग्राम मनकेहणी में जन्मीं रानी ने रामगढ़ रियासत का शासन संभाला, चार हज़ार सैनिकों की सेना संगठित की और सन् 1857 में मंडला के निकट खैरी ग्राम में अंग्रेज़ी फ़ौज को पराजित किया।

20 मार्च 1858 को, चारों ओर से घिर जाने पर, उन्होंने अंग्रेज़ों के हाथ पड़ने के स्थान पर अपनी ही तलवार से स्वयं का बलिदान कर दिया। उस समय उनकी आयु केवल 26 वर्ष थी।

परिचय पढ़ें

हमारा उद्देश्य

लोधा समाज इंदौर का उद्देश्य समाज के जन-जन तक सेवा सहायता एवं मार्गदर्शन पहुचाना है। लोधा समाज इंदौर सदैव अपने समाज के सदस्यों की प्रगति हेतु नवीनतम टेक्नोलॉजी अपनाने का पक्षधर रही है। इस वेब-पोर्टल के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, उनके करियर एवं व्यावसायिक ट्रेनिंग की प्रेरणा एवं सहायता, साथ ही मेडिकल सुविधाएँ एवं ब्लड-बैंक के माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराना — ऐसे सेवा कार्य किये जायेंगे। ऐसे सक्षम समर्थ लोधी बंधु जो इन सेवा कार्यों में सहयोग देना चाहते हैं, सहर्ष आमंत्रित हैं।

हमारी सेवाएँ

डेढ़ मिनट में पूरी वेबसाइट

इस वेबसाइट पर क्या-क्या है, यह नब्बे सेकंड में — आयोजन, दानदाता सूचियाँ, शिक्षा, स्वास्थ्य और संपर्क। आगे भेजना हो तो यही भेज दीजिए।

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